EC ने कानून मंत्रालय को पत्र लिखकर खुद के लिए मांगी “शक्ति”

भारतीय निर्वाचन आयोग ने केंद्रीय कानून मंत्रालय को पत्र लिखकर खुद के लिए “शक्ति” की मांग की है ताकि वो खुद पर “बेबुनियाद आरोप” लगाकर छवि बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर सके। यानी चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की मर्यादा का उल्लंघन करने और आयोग को खिलाफ अनाप-शनाप बोलने वालों पर अवमानना की कार्रवाई के अधिकार की मांग की गई है। आयोग ने कानून मंत्रालय को इस बाबत लिखा है। अपने संवैधानिक अधिकारों को लेकर अब तक लगभग सन्तुष्ट चुनाव आयोग ने परिस्थितियों के मद्देनजर यह पत्र सरकार को लिखा है ताकि लोग संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियादी आरोप लगाकर उनकी छवि खराब न करें।

इंडियन एक्सप्रेस को मिली सूचना के अनुसार चुनाव आयोग चाहता है कि कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट एक्ट 1971 में संशोधन करके चुनाव आयोग की बात न मानने वाले या उससे सहयोग न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार दिया जाए। चुनाव आयोग ने विधि मंत्रालय को ये पत्र करीब एक महीना पहले लिखा था। इस पत्र पर विधि मंत्रालय अभी विचार कर रहा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद देश के कानून मंत्री हैं।

अपने पत्र में चुनाव आयोग ने पाकिस्तानी चुनाव आयोग समेत कई अन्य देशों के चुनाव आयोगों का हवाला दिया है। चुनाव आयोग के अनुसार इन देशों के चुनाव आयोग उनकी छवि बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं।

कानून मंत्रालय के अधिकारियों ने भी आयोग से आई इस पत्र की पुष्टि करते हुए कहा है कि सरकार आयोग की इस मांग पर विचार करेगी।

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