देश एक नई दिशा की तरफ जा रहा है- ओम प्रकाश शर्मा

ओम प्रकाश शर्मा बीजेपी के वरिष्ठ नेता है और दिल्ली विधानसभा की विश्वास नगर सीट से विधायक हैं। यह दिल्ली सरकार में बीजेपी के तीन  विधायकों में से एक हैं।इनसे हमारी संवाददाता सिमरन चुग  ( टीम अमान सिद्धकी और आकाश सूर्या ) ने राजनीति और नोट बंदी पर खास बातचीत की।

 पेश है उसके कुछ अंश-

आप बीजेपी के अनुभवी और वरिष्ठ नेता है, आपने राजनीति में जब से शुरुआत की है तब से आज के माहौल में काफी बदलाव आ चुका है- इस पर क्या कहना चाहेंगे?

राजनीति समसमायिकी से है, जब जब जो चीजें होती हैं वह समाज और राजनीति में परिलक्षित होती हैं। अगर आप बात करें कांग्रेस और नॉन कांग्रेस सरकारों की तो अटल बिहारी बाजपेई जी संयुक्त सरकार के रूप में आए और हमारा देश जो प्रमाण परीक्षण करने की स्थिति में था लेकिन उनसे पहले किसी ने साहस नहीं दिखाया अटल जी ने पोखरण टेस्ट किया देश और दुनिया ने देखा। प्रतिबंध भी लगे लेकिन उसके बाद जब उन्होंने देखा कि भारत अपना कार्य सुचारु रूप से कर रहा है तो सारे प्रतिबंध हटा लिए गए। सन 2004 से 2014 तक देश में बहुत सारे भ्रष्टाचार हुए 2g, सीडब्ल्यूजी का मामला हो हर जगह भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार हुआ सन 2014 में बहुसंख्यक समाजवाद के प्रतिनिधि के रूप में नरेंद्र भाई मोदी को देश की जनता ने पी एम बनाया। ना सिर्फ इस देश में बल्कि अमेरिका रूस चीन जापान ने भी मोदी की सराहना की और अपने देश में उनका रेड कॉरपेट वेलकम किया।

आपके राजनीतिक जीवन का सबसे चुनौती भरा दौर कौन सा रहा?

आपातकाल, जब लोगों की सारी संवैधानिक अधिकारों का हनन किया गया। इस देश के नागरिकों को बिना कारण जेल में डाला गया, लोग घर छोड़कर इधर-उधर भागते रहे। वह देश के इतिहास में काले धब्बे के रूप में रहा। यही दौर सबसे चुनौतीपूर्ण रहा।

आज का सबसे मुख्य विषय नोट बंदी है, कई लोगों ने इसे सही फैसला बताया है और बहुत से लोगों ने इसका विरोध किया है। आपको नहीं लगता कि इस निर्णय को लागू करने में कई सारी दिक्कतें आई हैं?

समाज में जब कोई परिवर्तन होता है तो लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देते हैं। हमारा जो विरोधी पक्ष है जैसे आतंकवाद है, कालाधन है, नकली नोटों का धंधा नक्सलवाद है, इन सब को रोकने के लिए और साथ-साथ चलने वाली इकनॉमी को झटका देने के लिए यह निर्णय लिया गया। यह सारा पैसा सरकार तक पहुंचे और इन्फ्रास्ट्रक्चर दोनों के काम में लगे इसलिए यह कार्य किया गया। जब भी कुछ कार्य किया जाता है तो उसमें कुछ बाधाएं आती हैं जो लोग लाइन में लगे उनको कुछ दिक्कतें जरूर हुई हैं, लेकिन लाइन में तो हम लोग लगते ही आ रहे हैं। पहले राशन के लिए लगते थे। मुझे ध्यान है जब हम छोटे थे तो dms की लाइन में लगा करते थे। तो लाइन में लगना बड़ा मुद्दा है लेकिन जब देश की बात आती है तो छोटी मोटी असुविधाएं मायने नहीं रखती। लोगों ने इसकी सराहना की है आने वाले समय में इसके दूरगामी परिणाम होंगे ब्याज दरों में कमी आएगी इनकम टैक्स लिमिट बढ़ेगी उसके स्लैप कम होंगे और देश एक नई दिशा की तरफ जाएगा।

मोदी जी ने देश की जनता से वादा किया है कि 50 दिन में हालात सामान्य हो जाएंगे। जिसके अभी तक कोई आसार नजर नहीं आ रहे। आपको क्या लगता है?

आज बैंकों के बाहर स्थिति सामान्य हो गई है कोई लाइन नहीं है। लोग अपना काम सुचारु रुप से कर रहे हैं। माना की छोटी मोटी घटनाएं चलती आई हैं इसके लिए तो कुछ नहीं कह सकते । हम आज आसपास के बैंकों में देख रहे हैं कोई विकट परिस्थिति नहीं दिख रही है।

एआईएमआईएम (AIMIM) के मुखिया ओवैसी साहब ने कहा कि मुस्लिम एरिया में पर्याप्त कैश नहीं भेजा जा रहा। उन्होंने हैदराबाद के कुछ जगहों का  उदाहरण भी दिया आप इसको कहां तक सही मानते हैं?

देखिए उनके बारे में कुछ बोलना बेईमानी है। जो लोग अपने आप को संविधान से ऊपर समझते हैं,जो लोग देश को अपना देश नहीं मानते हैं और जो अखबारों की सुर्खियां पाने के लिए ऊल-जलूल बयान देते हैं, मुझे नहीं लगता उनके बारे में कुछ बोलना सही होगा उसका कोई अर्थ नहीं है।

राहुल गांधी ने मोदी जी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं आप इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेते हैं?

मुझे समझ नहीं आता कि जो आदमी खुद भ्रष्टाचार में लिप्त हो वह दूसरे के ऊपर आरोप लगाए। पूरी दुनिया और देश यह जानता है इस देश ने कोलगेट को सहन किया,2- जी को सहन किया, जीजा जी को भी झेला। तो करोड़ों का घोटाला करने वाले कांग्रेस सरकार के राहुल बाबा जब भ्रष्टाचार पर बोलते हैं तो थोड़ा अटपटा सा लगता है। आज मोदी जी के आने के बाद से देश में पारदर्शिता आई है और जिस प्रकार वह भ्रष्टाचार से लड़ते आए हैं उसमें उनका साथ देना चाहिए ना कि इस प्रकार की हरकत करनी चाहिए।

ए.जी.(L.G) साहब ने इस्तीफा दे दिया है तो क्या केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के बीच टकराव कम हो जाएंगे?

नहीं मुझे नहीं लगता है जब तक केजरीवाल जी संविधान के विपरीत कार्य करेंगे तब तक। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है कोई भी सरकार स्टेट की सरकार इसलिए भी बनती है कि वह नए-नए कानून और नोटिफिकेशन लाए। आज 22 महीने हो गए इस सरकार को बने हुए 16 बिल 52 नोटिफिकेशन जो विधानसभा में आए वह संविधान विरोधी कार्य करने की वजह से आज रद्दी की टोकरी में पड़े हैं और गवर्नेंस का जहां तक सवाल है तो आज पूरी दिल्ली और देश  जानता है कि केजरीवाल की जो खटिया एक बार चढ़ गई वह दुबारा चढ़ने की कोई आसार नहीं है।

मनोज तिवारी को दिल्ली भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है इस पर आपकी प्रतिक्रिया ?

मनोज तिवारी जी को दिल्ली का प्रदेश अध्यक्ष बनने का हम स्वागत करते हैं और बधाई देते हैं । दिल्ली के अंदर एक बहुत बड़ी आबादी पूर्वांचल की है और दिल्ली में पूर्व के जो प्रवासी लोग हैं उनका झुकाव मनोज जी की वजह से भाजपा में बढ़ेगा, वोट बैंक में भी इजाफा होगा जिसका लाभ पार्टी और देश को मिलेगा।

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